राजधानी भोपाल के जनसंपर्क विभाग में इन दिनों एक ही परिवार पर ऐसी मेहरबानी बरस रही है, मानो विभाग ने “एक परिवार–अनेक भुगतान” योजना शुरू कर दी हो। नयापुरा क्षेत्र में निवास करने वाले एक ही परिवार के तीनों फर्में अधिकारियों की कृपा से मालामाल होती नजर आ रही हैं। मजेदार बात यह है कि विभाग के भ्रष्टाचार-रोधी चश्मे शायद धुंधले हो चुके हैं, क्योंकि तीनों कंपनियों का पता एक ही होने के बावजूद अधिकारियों को यह “संयोग” दिखाई ही नहीं दे रहा।
एक पता… तीन फर्म… और भुगतान की बारिश!
सूत्रों की मानें तो तीनों फर्में एक ही परिवार द्वारा संचालित की जा रही हैं और जनसंपर्क विभाग के भंडार शाखा से पिछले तीन वर्षों में लाखों-करोड़ों रुपए के काम हासिल कर चुकी हैं। विभागीय गलियारों में चर्चा है कि बिना GEM पोर्टल पर विधिवत बिड डाले, केवल OTP की जादुई एंट्री से इन फर्मों को काम आवंटित किए जाते रहे। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर यह OTP वाला “अलादीन का चिराग” किस अधिकारी के पास है, जो हर बार उसी परिवार के नाम पर चमक उठता है।
भंडार शाखा या परिवार कल्याण केंद्र?
जनसंपर्क कार्यालय की भंडार शाखा को लेकर अब तंज कसे जा रहे हैं कि यह सरकारी शाखा कम और “परिवार कल्याण केंद्र” ज्यादा बन चुकी है। विभाग में चर्चा है कि यदि किसी बाहरी व्यापारी ने काम मांग लिया तो उसे नियमों की मोटी किताब थमा दी जाती है, लेकिन “अपने” लोगों के लिए नियम शायद छुट्टी पर चले जाते हैं।
जल्द होगा बड़ा खुलासा
सूत्रों का दावा है कि जल्द ही उन अधिकारियों के नामों का खुलासा किया जाएगा, जिनकी कथित मिलीभगत से एक ही परिवार को लगातार फायदा पहुंचाया गया। अब देखना यह होगा कि जांच होती है या फिर फाइलें हमेशा की तरह “जनसंपर्क” बनाकर शांत कर दी जाती हैं।

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