राजधानी के शाहजहाँनाबाद इलाके में नशे का काला कारोबार आखिरकार उजागर हो गया, लेकिन इसके साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। सिफा मेडिकल की आड़ में आरोपी अरबाजुद्दीन (30) खुलेआम बिना डॉक्टर की पर्ची के ONEREX जैसी नशीली दवा बेच रहा था और नशे के आदी लोगों को महंगे दामों पर सप्लाई कर रहा था।
पुलिस ने छापा मारकर दुकान से 211 सीसियां (करीब ₹42,411 कीमत) बरामद कीं, जिससे साफ है कि यह छोटा-मोटा काम नहीं बल्कि सुनियोजित धंधा था। हैरानी की बात यह है कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से इलाके में चल रहा था, फिर भी पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी—या फिर नजरें फेर ली गईं?
अब NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और सप्लाई चेन खंगालने की बात कही जा रही है, लेकिन असली सवाल यही है कि जब शहर में जहर खुलेआम बिक रहा था, तब जिम्मेदार तंत्र क्या कर रहा था। पूरी कार्रवाई पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के निर्देश पर हुई है, मगर जनता अब जवाब चाहती है—क्या यह सिर्फ एक आरोपी तक सीमित रहेगा या पूरे नेटवर्क की परतें भी खुलेंगी।


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